Bhakti Gyan Ashish Singh  

“समय का न्याय”

“किसी से बदला लेने की ज़रूरत नहीं। बस धैर्य रखो…जो जैसा करेगा, वक़्त आने पर वैसा ही पाएगा।समय से बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं होता।” 🙏राधे राधे🙏

एक गाँव में दो मित्र रहते थे।
एक सरल और धैर्यवान था, दूसरा स्वभाव से अहंकारी।
अहंकारी मित्र अक्सर उसे अपमानित करता और नुकसान पहुँचाने की कोशिश करता।
गाँव वाले चाहते थे कि वह बदला ले, पर उसने केवल मुस्कुराकर धैर्य रखा।
समय बीतता गया और सच धीरे-धीरे सबके सामने आने लगा।
अहंकारी मित्र की गलतियाँ खुलकर सामने आ गईं और लोग उससे दूर होने लगे।
जिसने धैर्य रखा, वही सम्मान और विश्वास का पात्र बन गया।
तब सबने समझा — समय से बड़ा कोई न्यायाधीश नहीं होता।

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